छत्तीसगढ़ माटी के ठउर - ठउर म देवी - देवता के बासा हे । कहूँ मन्दिर त कहूँ चबुतरा म त कहूँ रूख तरी मानता ल थापना करे गये हे । कोनो पखरा म बन्दन बुकाये त कोनो म सादा , लाल रंग के धजा फहरावत हवै । कहूँ तीन बट्टा म नारियर खतोली , चूड़ी फीता तीरसुल बाना अऊ उदबत्ती के बुझाये काड़ी हूम - धूम के बगरे राख हे । ओछिना के बेलफर , नीबू चानी , कुकरी के मुड़ी अऊ कांडी के रचपचहा रथ तो दुबट्टा , तीन बट्टा के फबीत ए ।
लवांग लायची , बंगला पान , सुपारी फरहरी , सादा कपड़ा , उदबत्ती अऊ खीर परवाना कतेक देवी - देवता हवै अऊ दुसर कती ( पक्ष ) के मंद , नीबू , कुकरी कुकरा , बोकरा , भक्छन करइया भूत - परेत के मानता ( मन्यता ) हवै । इहाँ के देवी - देवता अऊ भूत परेत के नाम अइसन हे :
देवी देवता म : -
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महादेव |
पारवती |
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कंकालीन |
बुढी़माता |
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सँवरिन |
दंतरिन दाई |
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मड़वारानी |
सरबंगला |
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रात माय |
लोढ़ा देव |
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कालीमाई |
संतोषी दाई |
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बरम बाबा |
बजरंग बली |
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चंदर सेनी |
सरीसिंगार |
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चण्डी देवी |
धीरज माता |
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महामाया |
बम्बलेसरी |
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भैरों बाबा |
सीत बाबा |
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राम लछिमन |
डंगाही माता |
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राउत गुरु |
ठाकुर देवता |
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ठकुराइन |
दुल्हादेव |
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बजारी माता |
मनुख देवा |
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मरकी माता |
खमदाई |
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धूंकीदाई |
गोर्रइया |
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डोंगरी पाट |
सरगा पाट |
भूतवा के नाम : -
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मसान |
परेतीन |
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टोना |
लोढ़ादेव |
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बरम भूत |
करिया मसान |
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बाल मसान |
सरपीन |
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गोर्रइया |
रकसा |
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मुंडफोरी |
बढो़वन |
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मटिया |
चटिया |
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बघर्रा |
सारंगगदिन |
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मुड़कट्टी |
भइसासुर |
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मरकी माता |
मउहादेव |
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साबर देव |
बाँसदेव |
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टांगीनाथ |
परेत |
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जिन्द |
मिरचुक |
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मुआ |
खरखस |