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वर्ग शब्द

चलागत ए मितान के

जाति , धरम , धन , बल ल भुलाके , उमर एक नमूना के मुँह ( समचेहरा ) अऊ मया पिरीत के बंधना ल मितान कहे जाथे । एला मित्र बनाना , मितान बदना ( बंधना , बंधन ) गिंया बदना ( मया के गांठ ) कहे गये हे । एमा तिरिया हर तिरिया ल , मनखे हर मनखे ल ( पुरुष - पुरुष के साथ ) गिंया बदथे । कम जादा उमर के मनखे म गिंया नइ बदै । गिंया बदई म मया उबकथे । मितान बदे के कई रूप , आधार अऊ कारन होथे । मितान के अइसन भेद हे :

( 1 ) महापरसाद - देवता म चढ़ाये जाने वाला प्रसाद के समान पवितर मया के बंधना ए ।

( 2 ) गंगाजल - गंगा जन के समान निरमल मया

( 3 ) भोजली - सावन के भोजली के समान कोंवर , हरियर , मन भावन , मया के मिलौना ए एहर तिरिया मन म जादा बदथें ।

( 4 ) जँवारा - चइत या कुँवार महीना के जवाँरा । जाँवा बरोबर पवित्तर चोनहा के मिलन ए ।

( 5 ) गिंया , मित्त , मितान - बराबर उमर एक जइसे रूप , गुन , धन , बल , कला , पुत , सुभाव , ल आधार मान के गिंया बदे जाथे ।