छत्तीसगढ़ म अंगाकर रोटी, घर म बनावै बहुरिया बेटी ।
कटोरी म चटनी पताल के, खा ले नगरिहा सान - सान के । ।
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रोटी म राजा |
अंगाकर , |
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बिदाई के रोटी |
बरा ( बड़ा ) |
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मरनी के रोटी |
करी |
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डिंड़वा के रोटी |
फरा , मुठिया |
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गौरा के रोटी |
गुझा |
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नगरिया के रोटी |
सादा चिला |
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गाँव बुलवा के रोटी |
अरसा |
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नागर पूजा के रोटी |
सादा |
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शौक के रोटी |
फरा , सेवई |
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भूखहरन रोटी |
कोढा़ रोटी |
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सुवागत के रोटी |
गुरभजिया , सोहारी |
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दौरी फबीत के रोटी |
मिरचा भजिया |
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लोभावना के रोटी |
बोबरा संदानी रोटी |
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देखाये के रोटी |
गुचकुलिया |
रोटिच्च रोटी –
खुर्मी ( खुरमा ) ठेठरी , रसाउर , खस्तोरी , धुसका , हथफोड़वा , पपची , देह दौरी , करी , चौसेला , चिलबोबरा , पीठा , तसमही , तिलगुजरिया , बफौरी , नूनफारा , भजिया , रोट , बर्रा ( सेवई ) काकड़ा , घुचकुलिया , खपुरी , मउहालाटा , तिल लाडू ।