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महिला एवं बाल विकास विभाग



राज्य सरकार की प्रमुख योजनाएँ
जननी सुरक्षा योजना
• शुभारंभ - 2005 
• उद्देश्य - संस्थागत प्रसव को बढ़ावा और मातृ मृत्युदर एवं शिशु मृत्युदर में कमी लाने के उददेश्य से।
• प्रावधान - अस्पताल में प्रसव कराने पर ग्रामीण महिलाओं को 1400 रु. तथा शहरी महिलाओं को 1000 रू. की राशि दी जाती है।
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना-
• शुरूआत - वित्तीय वर्ष 2005-06 से
• राशि - 25 हजार रू.
• उददेश्य - निर्धन परिवारों को कन्या के विवाह के संदर्भ में होने वाली आर्थिक कठिनाइयों का निवारण हेतु। सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देकर, विवाह के फिजूल खर्च को कम करना।
• पात्रता - मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत कार्डधारी परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की अधिकतम दा गया को शर्त पूर्ण करने पर।
मुख्यमंत्री निःशक्तजन विवाह योजना :-
• प्रोत्साहन राशि - 1 लाख रूपये
• विशेष - पति-पत्नी दोनों की निःशक्तता की स्थिति में 2 लाख रूपये (प्रत्येक को 1 लाख रूपये) प्रदान किया जायगा ।
धनलक्ष्मी योजना - कन्या शिशु जन्म दर में वृद्धि हेतु संचालित योजना।
फुलवारी योजना - उद्देश्य 0 से 3 आयु वर्ग के बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराना ।
वजन त्यौहार
• प्रारंभ - 2012
• उद्देश्य - कुपोषण मुक्ति हेतु 0-5 वर्ष तक के बच्चों
• नोट - वर्ष 2015 के अनुसार कुपोषण की दर 29.87 प्रतिशत पर आ गई है। वर्ष 2016 में बजन त्यौहार के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 5 वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण दर 30.13 प्रतिशत है।
चिरायु योजना
• प्रारंभ - 2014
• उद्देश्य - 0 से 18 वर्ष के बच्चों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण करना।
• विशेष - इस योजना के तहत कुल 30 बीमारियों को प्रमुखता दी गई है।
समेकित बाल विकास
• प्रारंभ - 2 अक्टूबर 1975
• उद्देश्य - 1. बच्चों के उचित मानसिक (मनोवैज्ञानिक). शारीरिक तथा सामाजिक विकास की नीव डालना ।
2. 0 से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों में पोषण व स्वास्थ्य की स्थिति को सुधारना ।
3. मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर, कुपोषण, लग्णता और बीच में स्कूल णेड़ने की घटनाओं में कमी लाना ।
4. बाल विकास को बढावा देने हेतु विभिन्न विभागों मे नीति निर्धारण और कार्यक्रम लागू करने में प्रभावकारी तालमेल कायम करना।

रदत सेवायें

समेकित बाल विकास परियोजना के उददेश्य को प्राप्त करने के लिए हितग्राहियों को निम्नलिखित छ: सेवायें प्रदान की जाती है:-

1. टीकाकरण - आंगनबाडी केन्द्र के परिक्षेत्र की समस्त गर्भवती महिलायें, किशोरी बालिकाएँ एवं 0 से 6 वर्ष तक के समस्त बच्चे।
2 स्वास्थ्य जाँच - आंगनवाडी केन्द्र के परिक्षेत्र की सगस्त गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं. ० से 6 वर्ष तक के बच्चे तथा किशोरी बालिकाएं।
3 संदर्भ सेवाएं -  आंगनवाड़ी केन्द्र के परिक्षेत्र के 0 से 6 वर्ष तक के गम्भीर कुपोषित बच्चे, खतरे के लक्षण वाली गर्भवती महिलाएं/शिशुवती माताएं।
4. पूरक पोपाहार - आंगनबाड़ी केन्द्र परिक्षेत्र की समस्त गर्भवती महिलाएं, शिशुवती माताएं. 6 माह से 06 वर्ष तक के बच्चे
5  स्वास्थ्य पोषण - आंगनवाड़ी केन्द्र के परिक्षेत्र की समस्त 15-45 साल की महिलायें, गर्भवती महिलायें, धात्री मातायें एवं शिक्षा किशोरी बालिकाएं
6.शाला पूर्व - आंगनवाड़ी केन्द के परिक्षेत्र के 03 06 वर्ष तक के समस्त बच्चे
छत्तीसगढ़ महिला कोष-
• गठन - 2 फरवरी 2002 (छ.ग. सोसायटीज रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1973)
• प्रावधान - छ.ग. महिला कोष द्वारा महिला स्व-सहायता समूहो को आसान शर्तो पर ऋण उपलब्ध करना। छ.ग. महिला कोप ऋण योजना 15 अगस्त 2003 को लागू की गई थी।
• संचालित योजना 1. स्वावलंबन योजना
2 सक्षम योजना
1. स्वावलंबन योजना-आरम्म
•  वर्ष 2009-10 में।
• प्रावधान - विधवा. कानूनी तौर पर तताकशुदा अथवा 35 से 45 आयु वर्ग की अविवाहित महिलाओं को 5 हजार तक ऋण आसान तरीके से उपलब्ध कराना।
2. सक्षम योजना
• शुभारंभ - 2009
• प्रावधान - विधवा, तलाकशुदा और 35 से 45 आयु वर्ग की अविवाहित महिलाओं को स्वयं का व्यवसाय आरंभ करने के लिए आसान शर्ता में 1 लाख तक ऋण, वापसी पांच वर्षों में 6.5 प्रतिशत की दर से सुविधा।
सबला योजना
• लक्षित समूह - 11 से 18वर्ष तक के किशोर बालिकाएं समूह।
• लक्षित जिला 10 जिला (रायपुर, गरियाबंद. वलौदायाजार रायगढ, राजनांदगांव, कोण्डागांव, बस्तर, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर में)
• प्रावधान - इस योजना के तहत 11 से 14 वर्ष तक के आयु की शाला त्यागी एवं 14-18 वर्ष तक की सभी किशोरी बालिकाओं को पूरक पोषण आहार दिया जाता है।
किशोरी शक्ति योजना 
• लक्षित समूह -  11 से 13 वर्ष तक के किशोरी बालिकाएं।
• लागू जिला - सबला योजना छोड़कर शेष जिला में संचालित ।
• प्रावधान - इस योजना में पूरक पोपण आहार प्रदान नहीं किया जाता है. योजनांतर्गत प्रशिक्षण एवं विभाग द्वारा महिलाओं के लिए संचालित
विमागीय संस्था पर संलयन करवाना है। के साथ
1. बालिकाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण
2. बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण
3. शाला-त्यागी बालिकाओं को आंगनवाड़ी से जोड़ना।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान -
शुभारंग - 22 जनवरी 2015 (छ.ग. में भी किया गया।)
चयन - छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिले को भारत शासन द्वारा पूरे देश के 161 चयनित जिलों में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना लागू की गई है। छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिले का चयन किया गया है। तथापि रायगढ जिले में बाल स्त्री पुरूप
अनुपात 943 है जो कि राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
नोनी सुरक्षा योजना
• शुभारंभ - 1 अप्रैल 2014
उद्देश्य - प्रदेश में यातिकाओं की शैक्षणिक तथा स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार लाने यालिकाओं के अच्छे भविष्य हेतु बालिका भ्रूण हत्या रोकने और बालिकाओं के जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच लाने एवं बालविवाह की रोकथाम हेतु
• प्रावधान - 1 अप्रैल 2014 के बाद जन्मी हो उन्हें कक्षा 12वीं तक शिक्षा पूर्ण होने पर तथा 18 वर्ष तक विवाह न होने की स्थिति में वित्तीय संस्था द्वारा 1 लाख रूपये परिपक्यता राशि दी जाएगी।
• राशि -  राज्य शासन द्वारा पंजीकृत यालिका के नाम पर भारतीय जीवन बीमा निगम को पांच वर्ष तक प्रतिवर्ष 5000 रू विनियोजित किए जाएंगे ।
देश का पहला वन स्टाप सेंटर सखी का शुभारंभ 
•  प्रारंभ - 16 जुलाई 2015 प्रदेश में भारत का पहला वन स्टॉप सेंटर रायपुर शेष सभी जिलों में 10 मार्च 2017 से वन स्टॉप सेंटर प्रारंम किया गया है।
•  उद्देश्य - घर के भीतर अथवा किसी भी रूप में पीडित व संकटग्रस्त महिला को आवश्यकतानुसार सुविधा / सहायता तत्काल उपलब्ध कराते हुए जरूरतमंद महिला को चिकित्सा, विधिक सहायता, मनोवैज्ञानिक सलाह, मानसिक चिकित्सा परामर्श सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना।
महतारी जतन योजना
• प्रारंभ - मई 2016
• स्थान - सलगंवाकला. सोनहट (कोरिया)
• उद्देश्य - गर्भवती महिलाओं को कुपोषण मुक्त करना।
• प्रावधान -  इस योजना का क्रियान्वयन आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से किया जाएगा। यहाँ गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक व गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
सूचिता योजना
• प्रारंभ - 24 जनवरी 2017
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना - 
• प्रारंभ - 1 जनवरी 2017
• प्रावधान - प्रथम जीवित संतानों के लिए 5 हजार रू (तीन किस्तों में)
महिला हेल्प लाईन
• टोल फ्री नम्बर - 181
• प्रावधान - छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2016 में महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा/घटना के मामलों में त्वरित सहायता उपलब्ध करना ने के लिए यह हेल्प लाईन शुरू किया गया है। यह हेल्प लाइ साखी वन स्टॉप सेंटर अन्य आपातकालिन सेवाओं के साथ समन्वय करना।