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राम वनगमन पथ



राम वनगमन पथ
चयन - 51 स्थल
प्रथम चरण - 8 स्थल विकास किया जायेगा)
शुरूआत - चंदखुरी (कौशिल्य मंदिर से)
उदेश्य - प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देना।
राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय फलक पर पहचान दिलाना।
सुविधा - मार्ग का उन्नयन साइनेजेस. पर्यटक सुविधा केन्द्र. इंटरप्रिटेशन सेंटर, वैदिक विलेज, पगोड़ा.वेटिंग शेड, पेयजल, शौचालय, विद्युतीकरण. सीटिंग बेंच, रेस्टोरेंट पाटर फ्रंट डेवलपमेंट आदि
नोट - सरकार ने मनूलात यदु की "दण्डकारण्य रामायण और डॉ. हेमू यदु की छतीसगढ़ पर्यटन' किताब को "श्रीराम वनगमन मार्ग' के लिए आधार माना है।

प्रथम चरण - 8 स्थल

  1. सीतामढी हरचैाका  जिला - कोरिया
  2. रामगढ जिला - सरगुजा
  3. शिवरीनारायण  जिला - जांजगीर-चांपा
  4. तुरतुरिया जिला - बलौदाबाजार
  5. चंदखुरी  जिला - रायपुर
  6. राजिम जिला - गरियाबंद
  7. सिहावा जिला - धमतरी
  8. जगदलपुर जिला - बस्तर
जिला                 स्थल
  1. कोरिया - सीतामढी, घाघरा. कोटाडोल-अन्तवारा.रामगढ (सोनहट). छतोडा (सिद्ध बाबा आश्रम). देवसील. सीमानदी
  2. बलौदाबाजार भाटापारा - धमनी पलारी नारायणपुर कसडोल
  3. कांकेर  - कांकेर  ( कंक ऋषि आश्रम )
  4. नारायणपुर - नारायणपुर (रक्सा डोंगरी) छोटे डोंगर
  5. जशपुर - किलकिला (बिलद्वार गुज), सारासार रकसगण्डा
  6. सरगुजा - देवगठ, महेशपुर बंदरकोट (अंबिकापुर से दरिमा मार्ग). मैनपाट, मरेलगढ पम्मापुर
  7. धमतरी - मथुन (राकाडीह) अतररा (अतरपुर ) सीतानदी
  8. दंतेवाड़ा - बारसूर. दंतेवाड़ा. गीदम
  9. कोंडागांव - गठधनोरा (केशकाल) जटायुशीला (फरसगांव)
  10. जांजगीर-चांपा - चंदपुर खरौद, जांजगीर .
  11. रायपुर - आरंग, चंपारण्य
  12. बिलासपुर - मल्हार
  13. गरियाबंद - फिंगेश्वर
  14. बस्तर -  चित्रकोट नारायणपात, तीरथगढ़
  15. सुकमा - रामाराम इंजरम् कोेंटा
  16. महासमुंद - सिरपुर