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​सामाजिक सहायता योजना



सामाजिक सहायता योजना
सामाजिक सुरक्षा पेंशन
• पात्रता - 1. 60 वर्ष या अधिक आयु के निराश्रित वृद्ध
2 50 वर्ष या अधिक आयु के निराश्रित विधवा या परित्यक्ता महिलाएं . 
3.6 वर्ष से अधिक आयु के निराश्रित विकलांग बच्चों का
4. 6 से 14 वर्ष तक आयु वर्ग के स्कूल जाने वाले विकलांग बच्चे ही वह निराश्रित न हो, को पेंशन की पात्रता है।
• राशि - 350 रू मासिक सामाजिक तुरक्षा पेंशन दी जा रही है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना
• प्रारंभ -  फरवरी 2009
• पात्रता -  40 से 79 वर्ष आयुवर्ग की विधवाओं जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते है।
• राशि - रू. 350.00 प्रतिमाह पेंशन (50 रू. राज्यांश)
इंदिरा गांधी वृद्धावस्था पेंशन योजना
• शुभारंभ - 1 अक्टूबर 1995
• पात्रता - योजनांतर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के
1. 60 से 79 वर्ष आयुवर्ग के वृद्धजनों को राशि रू 350.00 प्रतिमाह
2 80 वर्ष या उससे अधिक 650.00 प्रतिमाह।
नोट - उक्त पेंशन राशियों में राशि रू 150.00 राज्यांश सम्मिलित है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्त पेंशन योजना
• प्रारंभ - फरवरी 2009
• पात्रता - 18 से 79 वर्ष आयुवर्ग के गंभीर एवं बहुविकलांगों को
• राशि - रू. 500 प्रतिमाह पेंशन (200 रू. राज्यांश)
राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना
• पात्रता - गरीबी रेखा नीचे के परिवार के 18 वर्ष से अधिक एवं 60 वर्ष से कम आयु के मुख्य कमाऊ सदस्य की मृत्यु होने पर 20.000 रू दिये जाते हैं।
सुखद सहारा योजना
• उद्देश्य - विधवा/परित्यक्त महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने हेतु सहयोग देना है।
• पात्रता - राज्य में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के
1. 18 से वर्ष आयुवर्ग की विधवा
2. 18 वर्ष या अधिक आयु की परित्यक्त महिलाओं को
• राशि - रूपये 350/- प्रतिमाह की दर से पेंशन
आधार
मुख्यमंत्री पेंशन योजना
• प्रारंभ - वित्तीय वर्ष 2018-19 से
• उदेश्य - वरिष्ठ नागरिकों एवं विधवा/परित्यक्त महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना। सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 की सर्वे सूची के आधार पर
• प्रावधान - 350 रू. प्रति माह की दर से पेंशन।
• पात्रता - 1. 60 वर्ष या अधिक आयु के वृद्ध।
2. 18 वर्ष या अधिक आयु की विधवा या विवाहोपरान्त परित्यक्त महिलाएं।
3. छत्तीसगढ़ का मूल निवासी।

निःशक्तजन विद्यार्थियों के लिए छात्रगृह योजना
• द्वारा - रेन्ट कन्ट्रोल अथॉरिटी द्वारा।
• तहत - निःशक्त व्यक्ति (समान अवसर अधिकारों का संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 के तहत् ।
• लक्ष्य-  निःशक्त व्यक्तियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना। संबल प्रदान करना एवं उनके अधिकारों का संरक्षण करना।
5 निःशक्त विद्याथियों के समूह को किराये के भवन में निःशुल्क आवास सुविधा उपलध कराना।
•  लाभ - भवन का अधिकतम मासिक किराया राशि विद्युत व अन्य व्यय सहित निम्न है-
1. A श्रेणी के शहर हेतु 10,000 रूपये तक।
2. B श्रेणी के शहर हेतु 7.000 रूपये तक।
3. Cश्रेणी के शहर हेतु 5,000 रूपये तक।
निःशक्तजनों के लिए छात्रवृत्ति योजना
• क्रियान्वयन - पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग।
• उद्देश्य - निःशक्त बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करना।
• लाम - कक्षा अनुसार प्राथमिक, पूर्वमाध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक एवं महाविद्यालयिन अध्ययनरत निःशक्त विद्यार्थी।
150 से 190 रू. प्रतिमाह की छात्रवृत्ति। दृष्टि बाधित छात्रों को 100 रू. प्रतिमाह वायक भत्ता प्रदान किया जाता है।
पात्रता - 1. निःशक्तता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो।
2. छ.ग. का निवासी हो।
3. छात्रवृत्ति हेतु अभिभावकों की आय सीमा 8000 रू. प्रतिमाह निर्धारित की गई है।
तीरथ बरत योजना
• पूर्व नाम - मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना
• परिवर्तित नाम - तीरथ परत योजना (2019 से)
• प्रारंभ - 4 दिसम्बर 2012
• उद्देश्य - वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग जनों को देशभर के विभिन्न तीर्थ स्थलों का निःशुल्क दर्शन कराया जायेगा।
• नोट - इसके अंतर्गत निःशक्तजनों को भी तीर्थयात्रा योजना में शामिल कर उनके लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था कर यात्रा करायी जा रही है।